शहर में बड़ते वायु प्रदूषण पर दैनिक समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखिए

आज की इस लेख में हम बढ़ते हुए वायु प्रदूषण की समस्या के बारे में बताते हुए दैनिक समाचार पत्र के संस्थापक को एक पत्र लिखेंगे जिसमें हम वायु प्रदूषण के बारे में पूरी जानकारी देंगे

और यह बताने की कोशिश करेंगे कि समय रहते अगर हमने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले कल हमारे लिए बहुत ही खतरनाक होने वाला है

उनसे यह आग्रह करेंगे कि वह इन जानकारी को अपने समाचार पत्र में प्रकाशित करके लोगों और अधिकारियों का ध्यान इस समस्या पर आकर्षित करें और एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज अदा करें

शहर में बड़ते वायु प्रदूषण पर दैनिक समाचार पत्र के संपादक को पत्र

सेवा में ,

श्रीमान संपादक महोदय

प्रेम नगर , किशनगंज , नई दिल्ली

 

विषय : बढ़ते वायु प्रदूषण पर दैनिक समाचार पत्र के संपादक को पत्र l

 

महाशय

सविनय निवेदन यह है कि मैं प्रेम नगर का स्थानीय निवासी हूं । मैं इस पत्र के माध्यम से सभी अधिकारियों और लोगों का ध्यान बढ़ते हुए वायु प्रदूषण की ओर खींचना चाहता हूं दिल्ली में वायु प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है

अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले कल हमारे लिए काफी मुश्किल भरा होगा यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि मानव ने अपनी विभिन्न क्रियाओं से वायु मण्डल या वायु को अत्यधिक प्रदूषित किया है और करता जा रहा है। ऊर्जा के विविध उपयोग, उद्योग, परिवहन, रसायनों के प्रयोग में वृद्धि आदि ने जहाँ मानव को अनेक सुविधाऐं प्रदान की हैं, वहीं वायु प्रदूषण के रूप में संकट को भी जन्म दिया है।

नियमित घरेलू कार्य जैसे भोजन बनाने, पानी गर्म करने आदि में ईंधन, जैसे-लकड़ी, कोयला, गोबर के कण्डे, मिट्टी का तेल, गैस आदि का प्रयोग होता है। इस जलाने की क्रिया में कार्बन-डाई-ऑक्साइड, कार्बन-मोनो-ऑक्साइड, सल्फर-डाई-ऑक्साइड आदि गैसें उत्पन्न होती हैं जो वायु को प्रदूषित करती हैं।

हवा के प्रदूषित होने के कारण अस्थमा, दमा, कैंसर सिर दर्द, पेट की बीमारियां, एलर्जी, दिल की बीमारी हो सकती है, जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है। इन बीमारियों के कारण प्रतिदिन कई लोगों की मृत्यु हो जाती है ।

एक शोध के अनुसार अगर इसी तेजी से वायु प्रदूषण बढ़ता रहा तो सन 2050 तक पृथ्वी का वातावरण 4 से 5 डिग्री तक बढ़ जाएगा। जबकि अगर पृथ्वी का तापमान 2 से 3% भी बढ़ता है, तो पृथ्वी के हिम ग्लेशियर पिघल जाएँगे, जिससे भयंकर बाढ़ आ सकती है और पूरी पृथ्वी नष्ट हो सकती है ।

अगर आप इस मामले को अपने अखबार में प्रकाशित करते हैं तो मैं आपका सदेव आभारी रहूंगा ।

धन्यवाद ।
अनमोल शर्मा
स्थानीय वासी ।

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आशा है दोस्तो की इस पत्र को पढ़ने के बाद आपकी “वायु प्रदूषण पर दैनिक समाचार पत्र के संपादक को पत्र “, की समस्या दूर हो चुकी होगी । यदि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो हमे कमेंट कर के जरूर बताएं और आप इसे अपने Social Media Sites पर Share ज़रूर करें l

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